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Monday, 30 December 2019

हमें मौलिकता को समझने की समझ पैदा करनी होगी।

हम सीखते कम और नकल अधिक करते हैं। जिनकी नकल करते हैं, उन्होंने भी किसी की नकल की हुई होती है। हमें मौलिकता को समझने की समझ पैदा करनी होगी। अन्यथा 70 साल से जारी भेड़चाल के साथ मनगढ़ंत शूद्रत्व के अंधकूप में गिरेंगे और मरेंगे।

Sunday, 29 December 2019

MOST/वंचितों में सर्वस्वीकार्य एक ही समानता है-

MOST/वंचितों में सर्वस्वीकार्य एक ही समानता है-

"हम सब संवैधानिक हकों से वंचित हैं।"

क्या यह समानता एकता के लिये पर्याप्त नहीं है? जो शूद्रत्व और DNA जैसी मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी जा रही हैं।
आदिवासी ताऊ, 29.12.2019

वर्तमान परिदृश्य में आदिवासी मीणा समुदाय की दशा और दिशा

वर्तमान परिदृश्य में आदिवासी मीणा समुदाय की दशा और दिशा हम हर दिन कुछ न कुछ सीखते और बदलते रहते हैं। सबसे पहले ...