मेरी इच्छा के विरुद्ध कोई दुकानदार (मनुवादी, बामणवादी, गांधीवादी, हिंसावादी आदि) मुझे अपना उत्पाद नहीं बेच सकता। हकीकत में गलत उत्पाद या विचार ग्रहण करने के लिए दुकानदार नहीं, बल्कि हम, यानी ग्राहक ही दोषी हैं।-आदिवासी ताऊ, 29.12.19
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वर्तमान परिदृश्य में आदिवासी मीणा समुदाय की दशा और दिशा
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