दूसरों के बनाये रास्तों से मंजिल मिलना सम्भव हुआ होता तो हम से पहले उनको ही मंजिल मिल चुकी होती। यदि हमें अपना लक्ष्य हासिल करना है तो समयानुकूल सही और सुगम रास्ते भी हमें ही बनाने होंगे।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
वर्तमान परिदृश्य में आदिवासी मीणा समुदाय की दशा और दिशा
वर्तमान परिदृश्य में आदिवासी मीणा समुदाय की दशा और दिशा हम हर दिन कुछ न कुछ सीखते और बदलते रहते हैं। सबसे पहले ...
-
वर्तमान परिदृश्य में आदिवासी मीणा समुदाय की दशा और दिशा हम हर दिन कुछ न कुछ सीखते और बदलते रहते हैं। सबसे पहले ...
-
मुझ जैसे अराजनीतिक व्यक्ति को निपटाने हेतु जिसके द्वारा 2014 से लगातार घटिया षड्यंत्र किये जा रहे हैं। वह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के विर...
-
कितने लोगों को किस किस का प्रूफ दोगे? सच्चे, अच्छे और सद्भावी लोग कभी सबूत नहीं मांगते। क्या आपने मुझ से मेरी किसी बात का सबूत मांगा? ...
No comments:
Post a Comment